# प्राइवेट लेबल (ओईएम) बनाम व्हाइट लेबल (ओडीएम): आपके लिए कौन सा सही है?
आपको ये संक्षिप्तरूप हर जगह दिखाई देंगे।
## ओईएम (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर) - "कस्टम"
* **यह क्या है:** आप उन्हें ब्लूप्रिंट देते हैं। वे आपके डिजाइन का निर्माण करते हैं।
* **फायदे:** आपके पास आईपी का स्वामित्व है। अद्वितीय उत्पाद।
* **नुकसान:** उच्च एमओक्यू (न्यूनतम ऑर्डर मात्रा)। महंगा टूलिंग शुल्क (मोल्ड)।
* **उदाहरण:** Apple iPhone (Apple द्वारा डिज़ाइन किया गया, Foxconn द्वारा असेंबल किया गया)।
## ओडीएम (ओरिजिनल डिजाइन मैन्युफैक्चरर) - "व्हाइट लेबल"
* **यह क्या है:** आप उनके कैटलॉग से एक उत्पाद चुनते हैं और उस पर अपना लोगो लगाते हैं।
* **फायदे:** तेज़ लॉन्च। कम एमओक्यू। कोई टूलिंग शुल्क नहीं।
* **नुकसान:** आपका प्रतिस्पर्धी बिल्कुल वही उत्पाद बेच सकता है।
* **उदाहरण:** Amazon Basics बैटरी।
## किसे चुनें?
* बाजार का परीक्षण करने के लिए **ओडीएम से शुरुआत करें**।
* बिक्री की मात्रा होने और एक बचाव योग्य ब्रांड बनाने की इच्छा होने पर **ओईएम पर स्विच करें**।